तेजस्वी को दोहरा झटका, चुनाव के बाद परिवार में हारे, राज्य सभा से भी होगा सफाया
तेजस्वी के लिये ये साल झटको भरा रहा है। यूँ कहे कि पिछले 6 महीने में भाई से अलगाव के बाद बिहार चुनाव में हार और अब बहन रोहिणी से भी दूरी बढ़ गई है। हार के बाद और लालू परिवार में कलह तेज होती जा रही है। रोहिणी आचार्य ने परिवार और राजनीति से दूरी का ऐलान करते हुए तेजस्वी के सबसे करीबी संजय यादव पर हमला किया है।
चुनाव में हार के बाद विधानसभा में उसकी हैसियत कम हो गई वहीं राज्यसभा में भी अब राजद सांसदों की संख्या पर असर पड़ेगा। इस चुनाव से राज्यसभा में सत्ता पक्ष के बहुमत में आने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही उच्च सदन में एनडीए का संख्या बल बढ़ेगा।
अभी राज्यसभा की 16 सीटों में राजद के पांच
विधानसभा चुनाव में शानदार जीत से राजग को को अगले वर्ष राज्य से राज्यसभा में सीटें जीतने का मौका मिलेगा। वहीं अगले विधानसभा चुनाव में राजद का उच्च सदन में कोई प्रतिनिधित्व नही रहेगा। बिहार से राज्यसभा की 16 सीटों में 5 राजद के पास और कांग्रेस के पास एक सीट है। जबकि अगले साल राजद के दो राज्यसभा सदस्य प्रेमचन्द्र गुप्ता और एडी सिंह का कार्यकाल समाप्त होगा। जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन का इन सीटों पर कब्जा हो सकता है। राजग के राज्यसभा सदस्यों – हरिवंश, रामनाथ ठाकुर (दोनों जदयू) और उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) का कार्यकाल भी नौ अप्रैल 2026 को समाप्त हो जायेगा।
एक सीट के लिए 42 विधायकों की जरुरत
बिहार से (राज्यसभा की) पांच सीटों के लिए अगले दौर के द्विवार्षिक चुनाव में एक सीट जीतने के लिए, प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 42 वोटों की आवश्यकता होगी. शुक्रवार को आये नतीजों के बाद, बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 35 सीटें हैं. इसमें राजद ने 25, कांग्रेस ने छह, भाकपा-माले ने दो, माकपा ने एक और इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी (आइआइपी) की एक सीट शामिल है।
2030 में हो जायेगा राजद का सफाया
राज्यसभा के लिए अगला चुनाव 2028 की शुरुआत में होगा जब राजद के फैयाज अहमद के अलावा सतीश चंद्र दुबे, मनन कुमार मिश्रा और शंभू शरण पटेल (सभी भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के खीरू महतो का कार्यकाल सात जुलाई 2028 को समाप्त होगा। इसके बाद, राज्य से राज्यसभा चुनाव 2030 की शुरुआत में होना है जब धर्मशिला गुप्ता, भीम सिंह (दोनों भाजपा) और जद(यू) के संजय कुमार झा के अलावा, मनोज कुमार झा और संजय यादव (दोनों राजद) और कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह का कार्यकाल दो अप्रैल 2030 को समाप्त होगा।
ये भी पढ़े : कल कैबिनेट की अंतिम बैठक में विधानसभा भंग करने की होगी सिफारिश! नई सरकार के गठन और रूपरेखा को लेकर बैठक जारी
Highlights


