Jharkhand Cabinet Decisions: झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, शहरी विकास, पर्यावरण, न्याय व्यवस्था और समाज कल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। इन फैसलों का मकसद राज्य भर में बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना और नागरिकों के लिए सेवाओं को बेहतर बनाना है।
शिक्षा क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा
कैबिनेट ने जमुआ (गिरिडीह) में ₹38.22 करोड़ और मांडू (रामगढ़) में ₹40.14 करोड़ की लागत से नए डिग्री कॉलेज खोलने को मंज़ूरी दी। इसके अलावा, राज्य भर के 1,000 सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में AI-आधारित वर्चुअल क्लासरूम बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर ₹176.07 करोड़ का खर्च आएगा। सभी पांच डिवीजनों के JEPC और DIET ऑफिस में स्टूडियो बनाए जाएंगे, जिससे शिक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए छात्रों को पढ़ा सकेंगे। सरकार ने ‘आदर्श विद्यालय’ (मॉडल स्कूल) योजना की अवधि को 2029-30 शैक्षणिक वर्ष तक बढ़ाने का भी फैसला किया।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव
दूर-दराज़ के इलाकों में मरीज़ों को तुरंत इलाज मुहैया कराने के लिए, सरकार ने सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस शुरू करने का फैसला किया है। इस सेवा पर सालाना लगभग ₹9.45 करोड़ का खर्च आएगा। धनबाद में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के विस्तार के लिए पहले चरण में ₹194.73 करोड़ की मंज़ूरी दी गई है। इसके अलावा, सिकल सेल बीमारी, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया या टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित छात्रों और दिव्यांग छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए अटेंडेंस की ज़रूरतों में छूट दी गई है; अनिवार्य अटेंडेंस की सीमा 75 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है।
सड़क और शहरी विकास परियोजनाओं को मंज़ूरी
कैबिनेट ने पूर्वी सिंहभूम, गुमला और रांची समेत कई ज़िलों में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये मंज़ूर किए। साथ ही, आदित्यपुर नगर निगम के लिए नई इमारत बनाने के लिए ₹39.67 करोड़ की मंज़ूरी दी गई। ग्रामीण इलाकों में विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए झारखंड बिल्डिंग बाय-लॉज़ में संशोधन किया गया है; नक्शा मंज़ूरी के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई की ज़रूरत को 9 मीटर से घटाकर 4.5 मीटर कर दिया गया है।
पर्यावरण, हॉस्टल और पोषण योजनाओं से जुड़े फ़ैसले
कैबिनेट ने गिरिडीह और दुमका वन डिवीज़न में दो नए चिड़ियाघर बनाने के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी दी। साथ ही, झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकरण का अधिकार क्षेत्र पूरे राज्य तक बढ़ा दिया गया। कल्याण विभाग के तहत आने वाले हॉस्टल अब चुनिंदा गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के ज़रिए चलाए जाएंगे। वहीं, ‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ योजना के तहत ‘टेक-होम राशन’ देने वाली एजेंसी की सेवा को तब तक के लिए बढ़ा दिया गया है, जब तक कि नया टेंडर फाइनल नहीं हो जाता।
विधानसभा सत्र और न्यायिक फ़ैसले
कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त, 2026 तक आयोजित करने का फ़ैसला किया, जिसमें कुल पांच कामकाजी दिन होंगे। राज्य के विश्वविद्यालयों के रिटायर हो चुके शिक्षकों और अधिकारियों को 1 जनवरी, 2016 से 7वें वेतन आयोग का लाभ देने और 6 प्रतिशत ब्याज के साथ बकाया राशि का भुगतान करने का फ़ैसला लिया गया। इसके अलावा, कई प्रशासनिक प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई, जिनमें झारखंड हाईकोर्ट से जुड़े लॉ अधिकारियों के वेतन में संशोधन, नए पद बनाना, एडवोकेट्स वेलफेयर फंड, न्यायिक सेवा भर्ती नियमों में संशोधन और ज़िला जजों की नियुक्ति शामिल है।
अन्य महत्वपूर्ण फ़ैसले
कैबिनेट ने खान और भू-विज्ञान विभाग की बकाया देनदारियों को चुकाने के लिए ₹146 करोड़ की मंज़ूरी दी। विधानसभा में MGNREGA और जल जीवन मिशन से जुड़ी CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट पेश करने की भी अनुमति दी गई। साथ ही, बुंडू में सब-डिविजनल कोर्ट स्थापित करने से पहले ज़रूरी नीतिगत उपाय तैयार करने का फ़ैसला लिया गया।
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