46 लाख की रंगदारी मामले का खुलासा, प्रतिष्ठित अखबार का रिपोर्टर निकला मास्टरमाइंड
मुंगेर : 46 लाख की रंगदारी मामले का खुलासा, प्रतिष्ठित अखबार का रिपोर्टर निकला मास्टरमाइंड- टेटिया
बंबर प्रखंड के मनरेगा कनीय अभियंता अमोद कुमार से 46 लाख रुपए की रंगदारी की मांग मामले का
पुलिस ने खुलासा कर दिया है.
इस संबंध में पुलिस ने 7 लोगों गिरफ्तार किया है साथ 4 मोबाइल भी बरामद किया है.
गिरफ्तार व्यक्ति में एक प्रतिष्ठित अखबार का संवाददाता है.
जो इस कांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.
19 फरवरी को बिहार-झारखंड एरिया कमांडर माओवादी अरविंद टुड्डू के नाम से
टेटिया बंबर प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार में पर्चा चिपकाया था. खड़गपुर एसडीपीओ ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकी के आधार पर मामले का उद्भेदन किया गया है.
रंगदारी नहीं देने पर सजा देने की दी थी धमकी
19 फरवरी को टेटिया बम्बर प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार एवं सामने पानी टंकी की दीवाल पर नक्सली पर्चा के माध्यम से टेटिया बंबर मनरेगा के जेई अमोद कुमार को धमकी दिया था. साथ ही 40 लाख रुपए की डिमांड भी की गई है. पर्चे के ऊपर में लाल सलाम एवं नीचे भाकपा माओवादी बिहार झारखंड एरिया कमांडर अरविंद टूडू दा लिखा था. जबकि पर्चे में टेटिया बंबर मनरेगा जेई अमोद कुमार को मनरेगा योजना में ठेकेदारों से 10 प्रतिशत कमीशन नहीं लेने की बात कही गयी. वहीं संगठन को 40 लाख रुपए नहीं देने पर जन अदालत लगाकर सजा सुनाने की बात लिखी गई है.
ऐसे हुई इन लोगों की गिरफ्तारी
इस घटना के बाद एसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के निर्देश पर खड़गपुर एसडीपीओ राकेश कुमार ने मामले की जाँच शुरू की. खड़गपुर एसडीपीओ राकेश कुमार ने बताया की जब कनीय अभियंता को लेवी के लिए कई बार फोन आया तो जब उसकी जाँच की गयी तो पता चला की कि अभियंता को कोलकता से इंटरनेट और कॉलिंग डीयूओ एप के जरिये किया गया. जिसके बाद गिरफ्तार सभी लोगों का नाम सामने आया. उन्होंने कहा की इस कांड मुख्य अभियुक्त अविनाश कुमार, रवि शंकर, सोनू कुमार, सोनू कुमार, अंकित राज, अमर कुमार को गिरफ्तार किया गया. इन सभी के पास से चार मोबाइल बरामद किया गया.
कनीय अभियंता को नक्सली का दिखाया था भय
उन्होंने कहा इस कांड का मुख्य सरगना अविनाश कुमार ने खुद ही टेटिया बंबर प्रखंड में माओवादी का पर्चा चिपकाया था. उन्होंने कहा कि इस कांड का उद्भेदन के लिए टेक्निकल माध्यम की सहायता लेनी पड़ी. उन्होंने कहा गिरफ्तार सभी लोग कॉलिंग एप का उपयोग इसलिए किया कि पुलिस इन तक नहीं पहुंच सके. उन्होंने कहा इनलोगों का प्रयास था नक्सली के भय से कनीय अभियंता पैसे दे. सभी लोकल होने के कारण अपनी पहचान छुपाना चाह रहे थे. उन्होंने कहा सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है. सभी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है.
रिपोर्ट : अमृतेश सिन्हा
Highlights

















