रांची: झारखंड में भाजपा ने हेमंत सरकार को झारखंड सहायक आचार्य के 26001 पदों पर नियुक्ति के लिए निकाली गई वेकेंसी को लेकर आलोचना की है।
भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है कि सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि इतनी संख्या में होने वाली बहाली किस नियोजन नीति के तहत होगी।
विधायक ने यह भी पूछा है कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री से जानना चाहते हैं कि 1932, 1985 या फिर 60-40 वाली नीति पर बहाली होगी।
अगर सरकार 60-40 वाली नीति के तहत परीक्षा ले रही है तो वह बाहरियों के लिए द्वार खोल रही है, जिससे राज्य के करीब 8 लाख अभ्यर्थी टेट पास नहीं होने के कारण परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। भाजपा ने इस विज्ञापन में कई त्रुटियों का भी जिक्र किया है और बहालियों में तुष्टिकरण की भी आलोचना की है।
भानु ने मुख्यमंत्री को भी आरोप लगाया है कि वह संकल्प नहीं, बल्कि एक मुद्दे के रूप में यह मुद्दा उठाते हैं।
भाजपा ने अपने मुद्दों को संकल्प बनाया राम मंदिर निर्माण और धारा 370 हटाना जो उन्होंने पूरा किया है, लेकिन उन्होंने सरकार को ठग और विभागीय ठगों के राजा के रूप में भी चित्रित किया है।
भाजपा की आलोचना के चलते यह समझना मुश्किल है कि सरकार कैसे इस मुद्दे का सामना करेगी और कैसे इस पर रिपोर्ट करेगी।

















