SARAIKELLA: कस्टडी में नाबालिग ने लगाई फांसी,
12 घंटे बाद हुआ पंचनामा, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल,
एसपी ने थानेदार को किया निलंबित
सरायकेला थाना परिसर स्थित बालमित्र कक्ष में
मोहन मुर्मू नामक नाबालिग ने बेल्ट के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
घटना बुधवार दिन के करीब 11 बजे के आसपास की बतायी ज रही है.
मामले की सूचना मिलते ही एसपी आनंद प्रकाश और एसडीपीओ हरविंदर सिंह
बुधवार देर रात सरायकेला थाना पहुंचे और मामले की जांच की.
क्या है मामला
बताया जा रहा है कि बीते 26 अक्टूबर को सरायकेला थाना
अंतर्गत गोहिरा की रहने वाली एक नाबालिग के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.
27 अक्टूबर को युवती को उसके कथित प्रेमी मोहन मुर्मू के साथ परिजन दोनों को थाने लेकर पहुंचे.
जहां परिजनों ने युवक को पुलिस को सौंप दिया, जबकि युवती को अपने साथ वापस घर ले गए.
इस बीच युवक के परिजनों के आने तक उसे थाने में ही रखा गया. जहां 3 दिन बाद बुधवार को युवक
ने बालमित्र कक्ष में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. हालांकि युवती के परिजनों ने युवक के
खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. बावजूद इसके युवक को हिरासत में तीन दिनों
तक रखा गया वो भी बगैर सुरक्षा मानकों के. इस को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
थाना हाजत में नाबालिग की मौत मामले में एसपी ने थानेदार को किया निलंबित
सरायकेला थाना के बालमित्र कक्ष में पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के युवक के आत्महत्या मामले में एसपी आनंद प्रकाश ने संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी मनोहर कुमार को निलंबित कर दिया है. अपनी रिपोर्ट में उन्होंने थाना प्रभारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया है. जिसके बाद यह कार्रवाई की है. एसपी ने जांच के दौरान ही इसके संकेत दे दिए थे. जहां उन्होंने कहा था कि मामले में इंसाफ होगा. दोषी बख्शे नहीं जाएंगे. फिलहाल सरायकेला सर्किल इंस्पेक्टर राम अनूप महतो को अगले आदेश तक थाने की जिम्मेदारी दी गई है.

















