बोकारो: सदर अस्पताल का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है. जहां पैर टूटने के बाद दर्द से तड़प रहे एक बच्चे को 4 घंटे तक सदर अस्पताल मे इलाज नहीं मिला. दर्द से छटपटाते इस मरीज की डॉक्टर ने सुधि तक नहीं ली. लिहाजा जब अस्पताल में बवाल होना शुरू हुआ. तब एक डॉक्टर केवल उसे जा कर देखे और मरीज को यह कह दिया की दर्द का इंजेक्शन दिलवा दे रहे है. जो भी होगा वह सोमवार को होगा.
कैजुअल्टी मे कोई डॉक्टर नहीं थे मौजूद
बोकारो के सेक्टर 12बी निवासी मिथुन कुमार को ऑटो पलट जाने से पैर में गंभीर चोटे आ गई थी. जिसके बाद उसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया था. परिजनों के मुताबिक उसके पैर भी टूट गए हैं. जब उसे सदर अस्पताल लाया गया तो सदर अस्पताल में रविवार होने के कारण कैजुअल्टी मे कोई डॉक्टर नहीं थे. सदर स्टाफ के द्वारा यह भी कहा गया कि इसे बाहर चास ले जाओ! लिहाजा दर्द से घंटो अस्पताल में तड़पता रहा मरीज. लेकिन इसकी सुधि किसी ने नहीं ली. जब अस्पताल में हो हंगामा होने लगा तब 4 घंटे बाद डॉक्टर ने उस मरीज को देखा. वहीं सदर अस्पताल में एक भर्ती मरीज का कहना है कि दो दिनों से सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को किसी डॉक्टर ने सुधि तक नहीं ली.
रिपोर्टः चुमन कुमार

















