Action in Bihar Bridge Collapse : 12 पुल गिरने पर सीएम नीतीश ने 15 इंजीनियरों को किया सस्पेंड, कंस्ट्रक्शन कंपनी को किया ब्लैक लिस्टेड

बिहार में पिछले एक सप्ताह में पुल ढहने की सिलसिलेवार घटनाओं पर सीएम नीतीश कुमार ने कड़ा एक्शन लिया है। बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।

पटना : Action in Bihar Bridge Collapse12 पुल गिरने पर सीएम नीतीश ने 15 इंजीनियरों को किया सस्पेंड, कंस्ट्रक्शन कंपनी को किया ब्लैक लिस्टेड। बिहार में पिछले एक सप्ताह में पुल ढहने की सिलसिलेवार घटनाओं पर सीएम नीतीश कुमार ने कड़ा एक्शन लिया है। बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। साथ ही दो इंजीनियरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी के साथ ही मातेश्वरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया है। साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो सप्ताह के भीतर बिहार में सभी निर्माणाधीन और पुराने पुलों की निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है। इंजीनियरों को सस्पेंड करने का निर्णय एक जांच पैनल द्वारा जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) को अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद लिया गया। डब्ल्यूआरडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि ये इंजीनियर लापरवाही बरत रहे थे और निगरानी अप्रभावी थी। यही राज्य में छोटे पुलों और पुलों के ढहने का मुख्य कारण है।

जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने दी एक्शन की जानकारी

12 पुल गिरने के मामले में निलंबित हुए 15 इंजीनियरों में 4 ग्रामीण कार्य विभाग के और 11 जल संसाधन विभाग के हैं। दो कार्यपालक अभियंता, चार सहायक अभियंता, दो कनीय अभियंता शामिल हैं। जांच समिति द्वारा जल संसाधन विभाग को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद से सीएम नीतीश कुमार के स्तर पर यह एक्शन हुआ है। जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा है कि जांच में इंजीनियर्स की लापरवाह और निगरानी को अप्रभावी पाया गया है। इसके कारण राज्य में कई छोटे पुल ढह गए। पुल गिरने की ये घटनाएं सीवान, सारण, मधुबनी, अररिया, पूर्वी चंपारण और किशनगंज जिले से सामने आई हैं।जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि तीन और चार जुलाई को सीवान एवं सारण जिलों में छाड़ी गंडकी नदी पर अवस्थित छह पुल-पुलिया ध्वस्त हुए। सारण जिले में गुरुवार को एक और पुल गिरा था। पिछले 24 घंटे के भीतर सारण में पुल ढहने की वह तीसरी घटना थी। उसके कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया था। गंडकी नदी पर बनयपुर प्रखंड में स्थित छोटा पुल सारण के कई गांवों को पड़ोसी सिवान जिले से जोड़ता था। उन्होंने बताया कि विभागीय उड़नदस्ता की जांच में पाया गया कि कार्य के दौरान संबंधित अभियंताओं ने नदी पर अवस्थित पुल-पुलिया को सुरक्षित रखने को लेकर उचित कदम नहीं उठाए।

जांच दल से मिली रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने लिया एक्शन

बीते 18 जून को अररिया में पुलिया क्षतिग्रस्त मामले में निर्मल कुमार (मुख्य अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, पूर्णिया) की अध्यक्षता में जांच दल का गठन कर क्षतिग्रस्त पुल की जांच कराई गई है। इन पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यान्वयन से संबंधित दोषी जल संसाधन विभाग के 11 अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। इनमें कार्यपालक अभियंता अमित आनन्द और कुमार ब्रजेश, सहायक अभियंता राजकुमार, चन्द्रमोहन झा, सिमरन आनन्द और नेहा रानी तथा कनीय अभियंता मो. माजिद, रवि कुमार रजनीश, रफीउल होदा अंसारी, रतनेश गौतम तथा प्रभात रंजन शामिल हैं। क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य में कर्तव्यहीनता बरतने के फलस्वरूप ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता अंजनी कुमार, आशुतोष कुमार रंजन तथा कनीय अभियंता वीरेन्द्र प्रसाद और मनीष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

डब्ल्यूआरडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि ये इंजीनियर लापरवाही बरत रहे थे और निगरानी अप्रभावी थी। यही राज्य में छोटे पुलों और पुलों के ढहने का मुख्य कारण है।
पुल ढहने का फाइल फोटो

पुल गिरने पर बिहार में खूब गरमाई सियासत

बिहार में सिलसिलेवार पुल के गिरने के बाद जहां तेजस्वी यादव लगातार एक्स पर लिखते हुए बिहार सरकार पर हमला कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष की ओर से तेजस्वी यादव पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। नीतीश के करीबी नेता और मंत्री डॉ. अशोक चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला था। अशोक चौधरी ने पुल गिरने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ये सब आरजेडी के कार्यकाल का है। विजय सिन्हा ने कहा था कि ये सभी पुल 1982 और उसके बाद के बने हुए हैं। तेजस्वी यादव को इसके बारे में जानना चाहिए। वहीं तेजस्वी ने एक्स पर लिखा था कि बिहार में डबल इंजन का अद्भुत खेल है, एक इंजन भ्रष्टाचार में लगा हुआ है और एक इंजन अपराध में लगा हुआ है। 𝟏𝟓 दिन में 𝟏𝟐 पुलों का गिरना कोई सामान्य घटना नहीं है। यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। जिस दिन से नीतीश कुमार सीएम बने हैं, सिर्फ 18 महीने को छोड़ दें तो पूरे समय ग्रामीण कार्य विभाग जेडीयू के पास ही रहा है। बिहार में लगातार भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है, बिहार में लगातार अपराध की घटनाएं हो रही हैं।

पुल पर पॉलिटिक्स में तेजस्वी यादव के निशाने पर रही नीतीश सरकार

पुल गिरने के मामले को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव लगातार राज्य सरकार पर हमले बोल रहे हैं। पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर शुक्रवार को भी उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार और भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि पुल निर्माण की स्वीकृति, टेंडर, शिलान्यास, उद्घाटन की तिथि जारी करें तो सब दूध का दूध और पानी हो जाएगा। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में जो भी पुल गिर रहे हैं, वो सभी जेडीयू के पास विभाग रहते हुए बने थे। ये पुल इसीलिए गिर रहे हैं क्योंकि उनमें दबाकर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल हुआ। यह सोचने वाली बात है कि जेडीयू नेता हम पर आरोप थोपने की कोशिश क्यों कर रहे हैं, आखिर इसकी वजह क्या है, कहीं अपना दामन बचाने की मंशा तो नहीं है? राजद नेता ने आगे कहा कि लगातार पुल गिरने के अलावा नीट का पेपर लीक होना, हर परीक्षा का पेपर लीक होना, हर परीक्षा में धांधली-भ्रष्टाचार, लगातार जगह जगह दीवार गिरना, सड़क टूटना, एयरपोर्ट का ढह जाना, यह सब तथाकथित डबल इंजन की सरकार के भ्रष्टाचार को साफ जाहिर कर रहा है।

Share with family and friends: