रांची: रांची के कांके के पूर्व अंचलाधिकारी (सीओ) जय कुमार राम का शुक्रवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज सीएमसी वेल्लोर में हो रहा था। चिकित्सकों ने उनकी मृत्यु का कारण मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर बताया है।
जय कुमार राम कांके जमीन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चार्जशीटेड थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने जमीन माफियाओं के साथ मिलकर सीएनटी एक्ट से संरक्षित भूमि की प्रकृति बदलकर, जाली दस्तावेज तैयार कर उनकी खरीद-बिक्री करवाई।
घोटाले से जुड़े गंभीर आरोप
ईडी की जांच में यह भी सामने आया था कि केस से बचाने के नाम पर जय कुमार राम ने एक अधिवक्ता को 3.40 करोड़ रुपये और एक आई-फोन दिया था। सितंबर 2024 में ईडी ने इस मामले में जय कुमार राम समेत छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
पूरा मामला कांके अंचल क्षेत्र की आदिवासी, भुइंहरी और सरकारी प्रकृति की जमीन को फर्जी दस्तावेज के आधार पर जेनरल श्रेणी की भूमि दिखाकर बेचने से जुड़ा है।
ईडी की छापेमारी के दौरान दस्तावेज नष्ट करने का आरोप
पिछले वर्ष 21 जून 2024 को जब ईडी की टीम ने जमीन माफिया के ठिकानों पर छापेमारी की थी, उस दौरान जय कुमार राम पर आरोप था कि उन्होंने एनआईसी कार्यालय में म्यूटेशन से जुड़े 20 दस्तावेजों में छेड़छाड़ की। इनमें से 17 दस्तावेज पूरी तरह नष्ट कर दिए गए थे, जिन्हें बाद में ईडी ने रिकवर कर लिया।


















