Bhagalpur: बिहार में शराबबंदी पूरी तरह फेल है, इसका कारण
कोई विधायक या मंत्री नहीं बल्कि प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार है.
प्रशासन और माफियाओं की मिलीभगत के कारण
बिहार में शराब हर जगह उपलब्ध है. बिहार के बाहर से
लगातार शराब की खेप आ रही है. फिर सरकार को ही
राजस्व का नुकसान क्यों हो. ये कहना है कांग्रेस विधायक दल
के नेता अजीत शर्मा का. उन्होंने सरकार से
शराबबंदी कानून पर पुर्नविचार करने की मांग की है.

शराबबंदी से बिहार को एक हजार करोड़ के राजस्व का नुकसानः अजीत
विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि शराबबंदी के कारण बिहार को एक हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है. जब माफिया और प्रशासन की मिलीभगत से शराबबंदी कानून का पालन नहीं हो पा रहा तो सदन को एक बार फिर से विचार करना चाहिए. ताकि राजस्व का नुकसान ना हो.
जीतन राम मांझी और आरसीपी भी कर चुके हैं शराबबंदी की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के द्वारा पहले भी शराबबंदी खत्म करने की मांग कर चुके हैं. विधायक अजीत शर्मा ने सरकार से मांग की है कि या तो बिहार में अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके शराबबंदी लागू की जाये और अगर ऐसा नहीं होता है तो इसे खत्म कर दिया जाए. शराब बंदी के कारण बिहार में दस हजार करोड़ रुपए राजस्व का घाटा राज्य को हो रहा है इस पर सदन में विचार करने की जरूरत है.
रिपोर्ट: अंजनी
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