हजारीबाग: किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी है कि विद्यार्थियों का चौमुखी विकास किया जाए। नेशनल पब्लिक स्कूल हजारीबाग अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लागतार अपने स्थापना काल से ही विभिन्न प्रकार के गतिविधियों का आयोजन अपने विद्यालय प्रांगण में करते आ रही है।
इसी क्रम में आज भव्य तरीके से विद्यालय का वार्षिक उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव विशिष्ट अतिथि डॉक्टर एहशानुल हक, सीबीएसई नगर संयोजक सह प्राचार्य ओएसिस स्कूल हजारीबाग,सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी परिमल कुमार एवं नेशनल पब्लिक स्कूल के निर्देशक विश्वा मित्र, अध्यक्ष प्रोफेसर शिव दयाल सिंह ,प्राचार्य धीरेन्द्र कुमार सिंह , उपप्राचार्य कुमारी सोनी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित के साथ विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय बिनोद कुमार सिंह एवं स्वर्गीय कौशल्या देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया।
विद्यालय के वार्षिक महोत्सव को संबोधित करते हुए विद्यालय के निर्देश विश्वामित्र ने कहा विद्यालय का स्थापना 1977 में स्वर्गीय विनोद कुमार सिंह एवं गायत्री देवी के द्वारा स्थापना की गई थी शुरुआत के दौर में पांच बच्चों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अलखजगाने की शुरुआत की गई थी जो 47 वर्ष से आज तक चल रहा है मुख्य अतिथि पंचानन उरांव ने कहा की आज के माहौल में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किताबों तक ही सीमित नहीं है इसलिए जरूरी है कि स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के अलावा हर प्रकार की शिक्षा दी जाए।
नेशनल पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को ऐसी ही शिक्षा दी जाती है। सभी स्कूलों को इस प्रकार की शैली का अनुसरण करना चाहिए। सम्मानित अतिथि डॉक्टर एहशानुल हक ने कहा की अगर हमें अपना सुनहरा कल बचाना है तो पर्यावरण की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा, इसके लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है।
सभी को पर्यावरण की सुरक्षा अपना कर्तव्य मानना चाहिए और जिसकी शिक्षा स्कूलों से ही मिलनी चाहिए। बच्चों में चरित्र निर्माण स्कूलों से ही होना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत में जहां बच्चो के स्वागत गीत ने अतिथियों का मन मोहा वही स्वागत नृत्य गणेश वंदना से सभी को अचंभित किया।
छोटे छोटे बच्चो के साथ लड़कियों ने महिला सशक्तिकरण पर आधारित प्रस्तुति से समाज को एक विशेष संदेह देने का प्रयास किया।नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा के माध्यम से जहा बच्चो ने बताया कि एक मूर्ख राजा किसी राज्य के लिए कितना नुकसान दायक है वही जैसी करनी वैसी भरनी से अपने बुजुर्ग माता पिता का सम्मान हमे हमेशा करना चाहिए ऐसे संदेश देने का प्रयास किया।
भारतीय एवं झारखंडी वेश भूषा में बच्चो ने अपने रैम्प वॉक से पूरा समा ही बदल दिया वही कार्यक्रम के अंतिम पायदान में प्रस्तुत नाटक “भरत मिलाप” ने दर्शकों को सीधा सतयुग की याद दिलाते हुए अयोध्या में राम दरबार के दर्शन करा दिए। मंच संचालन निधि सिंह एवं अमीरा जबीन ने किया ।वार्षिक उत्सव के इस मौके सभी अतिथियों, पत्रकारों के साथ स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
वार्षिक उत्सव के इस कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रबंधक,मोहन लाल, स्कूल समन्वयक सुनील कुमार, शैक्षणिक प्रभारी,राहुल सिंह, कविता सिन्हा,रूपा कुमारी,शैली कुमारी,किरण कुमारी,मनीषा कुमारी,अंजनी कुमारी,अर्चना कुमारी,तृप्ति कुमारी,अनुशिखा,कुमारी लवली सिंह,सरिता कुमारी,माया कुमारी,संध्या कुमारी,अंकिता कुमारी,दीपेश कुमार सिंह,अन्य सहायक शिक्षण कर्मचारी जसीर अहमद,बालाजी,राजेश कुमार,राज किशोर,मोजाहिद रहमान,संतोष कुमार,रफीक खान,संजय कुमार,शमीना बानो,रीया राम,देवाशीष चक्रवर्ती,डी.पाठक,के साथ तकनीकी टीम में विक्की कुमार, शहजाद जिया,आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी स्कूल के मीडिया प्रभारी प्रदीप पाठक ने दी।

















