नड्डा के क्षेत्रीय पार्टियों वाले बयान पर बिहार में मचा सियासी घमासान

राजद ने कहा- जब सत्ता बौराती है तब जनता लगाम लगाती है

पटना : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के क्षेत्रीय पार्टियों वाले बयान पर बिहार में सियासी घमासान मच गया है.

विपक्ष के साथ-साथ राज्य की सत्तारुढ़ पार्टी ने भी तंज कसा है.

नड्डा ने कहा था कि आने वाले समय में सभी पार्टियां खत्म हो जायेगी,

इस पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को समाप्त करना चाहती है.

उन्होंने कहा कि जब सत्ता बौराती है तब जनता लगाम लगाती है.

बीजेपी ने सहयोगी पार्टी जदयू को भी चुनौती दे दी है.

जदयू जल्द बनेगी राष्ट्रीय पार्टी

वहीं इस मामले पर जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि

कोई एक पार्टी देश में चलेगी ऐसा नहीं हो सकता.

जनता का जनाधार किस पक्ष में रहता है वह पार्टी हमेशा देखती है.

भारत देश में मल्टी पार्टी सिस्टम है. यहां पार्टी बनती है और बिगड़ती है.

लोगों का समर्थन जिस दल के साथ होगा वह दल चलेगा.

उन्होंने कहा कि आज के समय में जो क्षेत्रीय पार्टी है वह आने वाले समय में राष्ट्रीय पार्टी बन सकती है. जदयू भी जल्द राष्ट्रीय पार्टी बनेगी.

क्षेत्रीय पार्टियों वाले बयान – देश से सारी पार्टियां खत्म हो जाएंगी- जेपी नड्डा

बता दें कि पटना आकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने क्षेत्रीय पार्टियों पर कहा था कि देश से सारी पार्टियां खत्म हो जाएंगी, रहेगी तो सिर्फ बीजेपी. हम अपनी विचारधारा पर चलते रहे तो देश से क्षेत्रिय पार्टियां खत्म हो जाएंगी. माना जा रहा है कि जेपी नड्डा ने यह बयान देकर खास तौर से बिहार की दो बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों जदयू और राजद को निशाने पर लिया है. जदयू तो यहां सरकार में एनडीए की हिस्सेदार है और क्षेत्रीय पार्टी जदयू से ही आनेवाले नीतीश कुमार को भाजपा ने बिहार का मुख्यमंत्री बनाया है.

क्षेत्रीय पार्टियों वाले बयान – जदयू और भाजपा के नेता एक-दूसरे पर दे रहे हैं बयान

बड़ी बात यह कि नड्डा ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब जदयू और भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं के बीच बयानबाजी चल रही है. जदयू की ओर से संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा और भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कई बयान एक-दूसरे पर दिए. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के भी कई बयान हाल के दिनों में चर्चा में रहे. जाति जनगणना के सवाल पर और चर्चिच अग्निपथ योजना पर जदयू की राह, भाजपा से बिल्कुल अलग रही.

आरएसएस को लोकतंत्र पसंद नहीं- शिवानंद तिवारी

राजद के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि सारी पार्टियों के खत्म होने और सिर्फ भाजपा के बचे रहने से तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. आरएसएस लोकतंत्र को पसंद नहीं करता है. वह भारतीय संविधान में यकीन नहीं करता है. वे लोग संविधान में मनुस्मृति को लाना चाहते थे. आज भी वे मनुस्मृति को ही संविधान मानते हैं.

सभी जातियों का वोट एक मानता है लोकतंत्र

हिंदू राजव्यवस्था तो लोकतंत्र के खिलाफ है. लोकतंत्र सभी जातियों का वोट एक मानता है. लेकिन हिंदू व्यवस्था में शूद्र या दलितों का स्थान कहां है? अपर कास्ट का बहुमत वोट भाजपा को मिलता है. 2019 में 54 फीसदी सवर्णों का वोट उन्हें गया. यह वोट बैंक भाजपा के लिए समाज में ओपिनियन बनाता है. नड्डा का बयान आरएसएस के मूल चरित्र के अनुसार ही है.

रिपोर्ट: प्रणव राज

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