Sarath: बिजली पोल लगाने में अनियमितता उजागर, विभाग ने दिए जांच के निर्देश

Sarath: देवघर जिले में बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए झारखंड सरकार और बिजली विभाग तेजी से नए पोल और तार लगाने का अभियान चला रहे हैं। इसके तहत विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बिजली अवसंरचना को अपडेट किया जा रहा है। लेकिन सारठ बिजली अनुमंडल क्षेत्र से इस काम में गंभीर लापरवाही की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार काम का जिम्मा संभाल रही संवेदक कंपनी लोमिनों और विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से नियम विरुद्ध तरीके अपनाए जा रहे हैं।

ढलाई की जगह मिट्टी, सुरक्षा पर भारी खतरा:

नियमों के अनुसार हर बिजली पोल को गाड़ने के बाद नीचे कम से कम पांच फीट तक कंक्रीट ढलाई किया जाना जरूरी है, ताकि पोल तूफान, बारिश और हवा की तेज रफ्तार में भी मजबूती से खड़ा रह सके। लेकिन स्थानीय लोगों ने बताया कि ढलाई करने के बजाय मिट्टी भरकर पोल खड़ा किया जा रहा है, जिससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
यदि इस तरह के पोल बारिश या तेज हवा के दौरान गिरते हैं, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

संवेदक और विभाग का पक्ष:

मामले पर जब संवेदक से बात की गई, तो उनका कहना था कि पोल के नीचे बाद में पांच फीट ढलाई की जाएगी। वहीं विद्युत विभाग के सहायक अभियंता ने कहा कि इस तरह की अनियमितता गंभीर है, इसकी जांच कराई जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली विभाग के नियमों का पालन नहीं होने से क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

स्थानीय लोगों की मांग:

  • सख्त जांच
  • सभी पोलों की पुन: निरीक्षण
  • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
  • काम में पारदर्शिता

रिपोर्टः हरे कृष्ण मिश्र

 

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