रांची: रांची में देर रात झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। लगातार बढ़ रहे तापमान से परेशान लोगों को इस बारिश से बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग ने बताया कि यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण हो रही है।

4 अप्रैल तक बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल तक झारखंड के कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही, 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे लोग सतर्क रहें और सावधानी बरतें।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान:
- रांची
- बोकारो
- गुमला
- हजारीबाग
- खूंटी
- रामगढ़
- पलामू
- गढ़वा
- चतरा
- कोडरमा
- लातेहार
- लोहरदगा
वज्रपात की संभावना, ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने वज्रपात की संभावना को देखते हुए झारखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से खेतों में काम कर रहे किसानों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
5 अप्रैल से साफ रहेगा मौसम
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 5 अप्रैल से आसमान साफ रहने की संभावना है और तापमान में फिर से वृद्धि हो सकती है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

बिजली आपूर्ति बाधित, लोगों को हुई परेशानी
रांची में देर रात हुई बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली के तारों में खराबी के कारण बिजली कटौती हुई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने में जुटी हुई हैं और जल्द ही आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
सावधानियां और सुझाव:
- तेज आंधी और बारिश के दौरान घर से बाहर न निकलें।
- बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।
- मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करें।
- किसान बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले क्षेत्रों में काम करने से बचें।
झारखंड में अप्रत्याशित बारिश और आंधी ने मौसम को सुहाना बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने की भी आवश्यकता है। मौसम विभाग की ताजा अपडेट्स पर ध्यान देते हुए जरूरी सावधानियां बरतने से नुकसान को कम किया जा सकता है।